सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

हिंदी शायरी | शायरी संग्रह

HINDI SHAYARI | SHAYARI SANGRAH

तुम गुनहगार हो मुझे शिकायत है फिर भी ना जाने क्यों तुम्हें बेकसूर समझकर छोड़ देने की चाहत है कोई सजा दूं मेरे दिल को तकलीफ होती है सभी लोग अपनों से हार जाते हैं

लंबे समय से रिश्ता तोड़ने की कोशिश करता रहा हूं तुम्हारी गुस्ताखी से लड़ता रहा हूं दर्द हद से ज्यादा मिला है मैं गम में जिए जा रहा हूं आजकल आंखों से आंसू रुकते नहीं है

जो तुझमें वफा ढूंढने की कोशिश रही है उम्मीदों पर पानी फिरने लगा है अपनी मोहब्बत का मीठा जहर मेरे जिंदगी में घोलकर सिर्फ गुमराह करती रही हो जिस तरह बर्बाद हो गया हूं न हंस पा रहा हूं न रो पा रहा हूं

shayari

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कभी सोचा ना था यूं छोड़ जाएंगे

कभी सोचा ना था यूं छोड़ जाएंगे जो हर वक्त मेरे दीदार को बेचैन रहते हैं टूट कर बिखर गए शीशे की तरह दर्पण में खुद को पहचान नहीं पाते हैं

Love shayari photos

हिंदी शायरी संग्रह फोटो